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मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के लिए आवेदन पत्र आमंत्रित...

 

उद्योगसेवा एवं व्यवसाय प्रारंभ कर युवा कर सकते हैं स्व उद्यम की स्थापना...अनुदान और मार्जिन मनी सहित मिलती है अनेक सुविधाए...




रायपुर : जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्ररायपुर द्वारा मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना (एम एम वाय एस वायद्ध  और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत युवाओं को उद्योगसेवा एवं व्यवसाय प्रारंभ कर स्व उद्यम की स्थापना करने और आर्थिक दृष्टि से आत्मनिर्भर बनाने के लिये प्रेरित किया जा रहा है।

जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र रायपुर के मुख्य महाप्रबंधक विनोद कुमार देवांगन ने बताया कि योजना के अन्तर्गत शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसरों में वृद्धि करते हुए सकारात्मक वातारण तैयार किया जा रहा है। इन योजनाओं के लिए आवेदन पत्र आंमत्रित है। आवेदन पत्र जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्रउद्योग भवनतृतीय तलरिंग रोड नं.-1, तेलीबांधा रायपुर में कार्यालयीन समय में प्राप्त कर वांछित जानकारी एवं दस्तावेज के साथ जमा किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत विनिर्माण उद्यम हेतु अधिकतम परियोजना लागत 25 लाख रूपयेसेवा उद्योग हेतु अधिकतम परियोजना लागत 10 लाख रूपये एवं व्यवसाय हेतु अधिकतम परियोजना लागत लाख रूपये तक का ऋण बैंकों के माध्यम से स्वीकृत किये जायेंगें। कोरोना महामारी के वैश्विक संकट की स्थिति में भी बैंकों एवं आवेदकों के साथ सामंजस्य स्थापित कर ऋण दिलाने का प्रयास सतत् जारी हैं और अब तक प्रकरणों में बैंकों द्वारा ऋण स्वीकृति प्रदान किया जा चुका है।
योजना के तहत मार्जिन मनी में नियमानुसार छूट दी जाती है। बैंक एवं वित्तीय संस्थाओं द्वारा लिये गये सावाधि ऋण एवं कार्यशील पूंजी पर उद्यम स्थापना पश्चात् ब्याज अनुदान का भी प्रावधान है। आवेदक छत्तीसगढ़ राज्य का मूल निवासीकक्षा 8वीं उत्तीर्ण तथा उसकी आयु सीमा 18 वर्ष से 35 वर्ष के मध्य होना चाहिए। अनुसूचित जातिअनुसूचित जनजातिअन्य पिछड़ा वर्गनिःशक्त उद्यमीनक्सल प्रभावित परिवार के सदस्यसेवानिवृत्त सैनिक हेतु अधिकतम आयु में वर्ष की छूट प्रदान है। आवेदक किसी भी वित्तीय संस्थान का डिफाल्टर नहीं हो तथा आवेदक के परिवार की वार्षिक आय लाख से अधिक नहीं होना चाहिए। ऋण स्वीकृति के पश्चात् उद्यमी को एक सप्ताह का उद्यमिता विकास प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है जिसका व्यय राज्य शासन द्वारा किया जाता है।
इसी तरह प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 हेतु 70 का लक्ष्य निर्धारित किया गया हैंजिसके अंतर्गत बैंकों को प्रकरण भेजने की प्रक्रिया सतत् जारी है। योजना में अब तक 11 प्रकरणों में बैंकों द्वारा ऋण स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है।


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