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बढ़ते ठंड-शीत लहर से सुरक्षा करें अपने मवेशियों की... : डॉ. चारु मित्रा


फिंगेश्वर, गरियाबंद : पशुपालन एवं पशुधन के संबंध में आवश्यक सलाह दी गई है कि शीत लहरों के दौरान जानवरों और पशुधन को जीविका के लिए अधिक भोजन की आवश्यकता होती है क्योंकि ऊर्जा की आवश्यकता बढ़ जाती है। तापमान में अत्यधिक मिन्नता भैसो और अन्य मवेशियों की प्रजनन दर को प्रभावित कर सकती है।
पशुपालक अपने पशुओं को ठंडी हवाओं के सीधे संपर्क से बचने के लिए रात के दौरान सभी पशु आवास को सभी दिशाओं से ढके। ठंड के दिनों में छोटे पशुओं को ढक कर रखें। दुधारू पशु एवं कुक्कुट को ठंड से बचाने हेतु अन्दर रखें। पशुधन के आहार एवं खान-पान में वृद्धि करें। उच्च गुणवत्ता वाले चारा या चारागाहों का उपयोग करे। वसा की खुराक प्रदान करें, आहार सेवन तथा उनके चढ़ाने के व्यवहार का ध्यान रखें। जलवायु अनुरूप शेड का निर्माण करे जो सर्दियों के दौरान अधिकतम सूरज की रोशनी और गर्मियों के दौरान कम विकिरण की अनुमति देते हैं। इन स्थितियों के लिए विशेष रूप से उपयुक्त पशु नस्लों का चयन करें। सर्दियों के दौरान जानवरों के बैठने हेतु सूखे भूसे रखें। पालतू जानवरों, पशुधन को शीत लहर से बचाने हेतु भवन के अंदर रखे तथा उन्हें कम्बल से ढकें।
मुर्गियों को ठंड से बचाने के लिए नीचे भूसा बिछाये और गर्मी प्रदान करने के लिए बल्ब जलाकर बल्ब की रौशनी में रखें।

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