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छ.ग. राज्य में वर्मी कम्पोस्ट के नाम पर किसानों के साथ हो रही है धोखाधड़ी...

अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के सदस्यों ने राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन...


गरियाबंद : वर्मी कम्पोस्ट के नाम पर किसानों के साथ हो रहे धोखाधड़ी की मामले को लेकर अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के सदस्यों ने छत्तीसगढ़ के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री के नाम एस.डी.एम. राजिम को ज्ञापन सौंप मांग किया है कि गुणवत्तापूर्ण वर्मी कम्पोस्ट खाद किसानों को चाहिए परन्तु वजन में कम, मिट्टी, पत्थर युक्त घटिया सूखा गोबर देकर किसानों से किया जाना वाला धोखाधड़ी बंद होना चाहिए, साथ ही स्वेच्छा अनुसार किसान खरीद सके अनिवार्यता समाप्त होनी चाहिए। 
अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के उपाध्यक्ष मदन लाल साहू, सचिव तेजराम विद्रोही, सहसचिव ललित कुमार, कपुरराम, नंदू ध्रुव, सोमन यादव, कोमन ध्रुव, पदुमराम, जहूर राम, पवन कुमार, केशवराम, नीलम साहू, मधुसूदन साहू दिनेश कुमार, चम्पू मार्कण्डेय आदि ने ज्ञापन में कहा है कि राज्य में सहकारी समितियों के माध्यम से सभी ऋणी किसानों को प्रति एकड़ एक क्विंटल गोबर खाद वर्मी कम्पोस्ट के नाम पर 10 रुपये प्रति किलो की दर से देना अनिवार्य कर दिया है, लेकिन किसानों को एक हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से दिए जाने वाला वर्मी कम्पोस्ट खाद अमानक, वजन में कम और कंकड़ पत्थर से भरा हुआ तथा अधिक महंगा है। इस प्रकार की जानकारी छत्तीसगढ़ के अलग अलग जिलों के विभिन्न स्थानों से मिल रही है।
सोचने वाली बात यह है कि प्रदेश में निर्मित 90 प्रतिशत गौठान में दो रुपये किलो की दर से गोबर खरीदी बंद है, जहाँ पर खरीदी की गई है वहाँ अधिकांश जगहों पर केंचुवा नहीं डाली गई है सूखे गोबर को पानी डालकर भुरभुरा कर पैकेट बनाकर समितियों में सप्लाई की जा रही है जो अमानक है। इस प्रकार जैविक खेती के नाम पर अमानक तत्वों को किसानों को थमाकर किसानों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है जो कि प्रदेश की व्यापक किसान जनता के आजीविका के साथ खिलवाड़ है।

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