* क्वालिटी मैटेरियल की अनदेखी से निर्धारित काल पूरा नहीं कर रहीं सड़कें...
* आंदोलन एवं अधिकारियों से गुहार लगाने के बाद होती है सुनवाई...
* ठीकेदार सड़क निर्माण की नहीं देते जानकारी गोपनीय तरीके से होता काम...
* लोगों को भी परेशानी होती है...
दावों में गुणवत्ता, हकीकत में गुण पर बट्टा...
मामले को ताजा किया है जिले के छुरा ब्लॉक ने, जहाँ PMGSY ने सड़क निर्माण के दौरान योजना से संबंधित शिलापट्ट लगाया गया है, जिसमें ग्राम डांगनबाय से हरदी आवागमन के लिए वर्ष 2018 में 1.20 की.मी. की सड़क को 97.74 लाख की लागत से निर्मित किया गया। संबंधित ठेकेदार ने इस कार्य की पूरी गैरेन्टी कुल 5 साल की दी है।
पहले तो अधूरी सूचना पटल लगा कर किये गए भ्रष्टाचार पर पर्दा डाला गया। विभागीय अधिकारी व ठीकेदार, प्रस्तावित सड़क की लंबाई के साथ-साथ चौड़ाई, मोटाई, निर्माण सामग्री के मिश्रण के अनुपात, अवधि आदि की जानकारी सूचना पटल में कहीं नहीं लिखा गया है। तो दूसरी ओर अपनी मयाद पूरी करने से पहले ही सड़क अब धूल फाँकती साफ देखी जा सकती है। यदि कोई निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत करता भी है, तो अधिकारी संज्ञान नहीं लेते। मनमाने तरीके से काम करके ठेकेदार अपना बिल पास करवा तो लेते हैं लेकिन इसका परिणाम यह होता है कि सड़कें बनने के साथ ही टूटने लगती हैं और जनता को परेशानी झेलनी पड़ती है। वहीं, विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के चलते सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार का खेल जारी है। 24 समय हिन्दी ख़बर ने जिले में पिछले 5 सालों में बनाई गई कुछ सड़कों का जायजा लिया। इनमें PWD और PMGSY द्वारा बनाई गई सड़कें अब पूरी तरह से जर्जर हो चुकी हैं।



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