न्यूज़ डेस्क : इंटरनैशनल कंपनी लार्सन एंड टूब्रो (Larsen and Toubro) को मुंबई और अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन (Bullet Train) परियोजना के लिए सरकार से 25000 करोड़ रुपए का ठेका मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस ड्रीम प्रोजेक्ट के एक हिस्से को पूरा करने के लिए एल एंड टी कंपनी को यह ठेका दिया गया है। एल एंड टी कंपनी के सीईओ और प्रबंध निदेशक एसएन सुब्रमणियम ने बुधवार को वित्तीय परिणाम की घोषणा करते हुए बताया कि कंपनी ने सरकार से अभी तक का सबसे बड़ा अनुबंध हासिल किया है। यह इतनी बड़ी राशि का सिंगल प्रोजेक्ट ऑर्डर है, जिसे सरकार ने दिया है।
इंजीनियरिंग समेत विभिन्न कारोबार से जुड़ी लार्सन एंड टूब्रो (Larsen and Toubro) को देश की पहली बुलेट ट्रेन (Bullet Train) प्रोजेक्ट का ठेका मिला है। एलएंडटी (L&T) को सरकार से 25,000 करोड़ रुपए का ठेका हासिल हुआ है। यह ठेका मुंबई-अहमदाबाद (Mumbai-Ahmedabad) के बीच महत्वकांक्षी बुलेट ट्रेन परियोजना के हिस्से के क्रियान्वयन के लिए है। बता दें कि इस प्रोजेक्ट की रेस में L&T के अलावा एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड, और जेएमसी प्रोजेक्ट्स इंडिया लिमिटेड का एक समूह व एनसीसी लिमिटेड, टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड और जे.कुमार इंफ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड का दूसरा समूह शामिल थी।चार साल में पूरा करना है प्रोजेक्ट...
एल एंड टी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक एस एन सुब्रमणियम ने बुधवार को वित्तीय परिणाम की घोषणा के दौरान संवाददाताओं से कहा, हमने सरकार से बुधवार को अब तक का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित अनुबंध हासिल किया है। यह 25,000 करोड़ रुपये का ऑर्डर है। यह हमारे लिये सबसे बड़ा अनुबंध है। साथ ही इतनी बड़ी राशि का यह सबसे बड़ा एकल ऑर्डर है, जिसे सरकार ने दिया है। उन्होंने कहा कि अनुबंध के तहत परियोजना को चार साल में पूरा करना है।
बता दें कि नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन ने 24 सितंबर को अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन परियोजना (Mumbai-Ahmedabad bullet train project) के लिये करीब 1.08 लाख करोड़ रुपये की बोलियों को खोला था। इसमें परियोजना का गुजरात में पड़ने वाला हिस्सा शामिल है। सात बोलीदाता 508 किलोमीटर लंबी परियोजना के लिये पात्र पाये गये।
2 घंटे में पहुंच जाएंगे अहमदाबाद से मुंबई...
बुलेट ट्रेन से अहमदाबाद से मुंबई दो घंटे में पहुंचा जा सकेगा। इस निविदा में गलियारे के करीब 47 प्रतिशत हिस्से को रखा गया जो गुजरात में वापी से वड़ोदरा के बीच है। इसमें चार स्टेशन वापी, बिलिमोर, सूरत और भरूच व सूरत डीपो शामिल हैै।

0 تعليقات