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राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को लिखी थी चिट्ठी...अपने सचिव के स्थांतरण के तरीके पर जताई थी आपत्ति…

 



रायपुर : राज्यपाल के सचिव 1999 बैच के IAS अधिकारी सोना मनी बोरा को स्थातंरित कर अमृत खलको को राज्यपाल को सचिव का अतिरिक्त प्रभाव दिया हैं बोरा से श्रम विभाग का प्रभार पहले ही ले लिया गया था  राज्यपाल और राज्य सरकार के बीच तकराहट ये नया नहीं हैं। पूर्व मुख्यामंत्री रमन सिहं ने राज्यपाल को राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर चिट्टी लिखी थी इसी तारतम्य में राज्यपाल ने पुलिस विभाग की बैठक आहूत की थी। गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कोरोना संक्रमित के संपर्क में आने के कारण अपने क्वांरेटाइन होने की सुचना दी थी, जिसकी वजह से यह बैठक टाल दी गई। बोरा के हटाये जाने की एक वजह ये बैठक बताई जा रही है। राज्य सरकार के मंशा अनुरूप इस मामले का प्रबंधन नहीं किया उनके केन्द्र में प्रतिनियुक्ति पर जाना तय माना जा रहा है।

राज्यपाल राज्य के संवैधानिक प्रमुख होते हैं, जिनके आदेशानुसार ही राज्य सरकार कार्य करती है। राज्यपाल के सचिव का पद कैडर पद हैं राज्यपाल ने इस आदेश जो आपत्ति के कारण बताये हैं उसके अनुसार पूर्णकालिन सचिव की जगह अतिरिक्त प्रभार वाली नियुक्ति से राज्यभवन के कार्यों में गुणवत्ता प्रभावित होगी बिना राज्यपाल की सहमति के राजभवन में नियुक्तियां नहीं होनी चाहिए। सामान्य प्रशासन विभाग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए राज्यपाल ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जिनके पास सामान्य प्रशासन विभाग का प्रभार भी है, को पत्र लिखकर अपनी आपात्ति दर्ज करायी हैं ।



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