वेबीनार में धीर झिंगरन (एलएलएफ) ने प्रारंभिक शिक्षा में पढ़ने लिखने के कौशल एवं बच्चों में मौखिक भाषा को बढ़ावा देने के लिए मुहिम चलाए जाने पर जोर दिया। योजना आयोग, नई दिल्ली की सुश्री मिताक्षरा ने शिक्षकों की क्षमता विकास, साझेदारी, नीति एवं बुनियादी साक्षरता पर एकीकृत योजना बनाने पर जोर दिया। चितरंजन कौल ने संस्थाकरण, शहरीकरण एवं भू-मंडलीकरण के नजरिए को दृष्टिगत रखते हुए लीडरशिप डेवेलपमेंट को प्रमोट किए जाने की बात कही। सुनील साह (एपीएफ) ने साक्षरता के लिए दो एवं पाँच वर्ष की दीर्घकालीन योजना बनाये जाने पर जोर दिया। यूनिसेफ के शिक्षा विशेषज्ञ मधुसूदन शेषागिरी ने महिला एवं बाल विकास विभाग और शिक्षा विभाग को समन्वित पहल, बाह्य एजेंसियों को जोड़ना एवं गाँव में जो शिक्षा में अच्छा काम करना चाहते हैं जैसे- युवक, महिला एवं स्व-सहायता समूह को जोड़े जाने पर जोर दिया। श्री हरमेन्द्र सिंह (यूएसआईओ) ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव आर.प्रसन्ना, लोक शिक्षण संचालक जितेन्द्र कुमार शुक्ला व एससीईआरटी के संचालक डी. राहुल वेंकट, एससीईआरटी के संयुक्त संचालक डॉ. योगेश शिवहरे विशेष रूप से उपस्थित थे।

0 تعليقات