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त्यौहार मनाने की ख़ुशी में ना दें कोरोना को न्योता, सावधानी बरतना बेहद जरूरी

 ·  स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने जारी किया एसओपी

·  कार्यक्रम स्थलों में सभी स्थानों पर उचित चिह्न होना किया गया अनिवार्य

·  शारीरिक दूरीमास्क का उपयोग व हाथों की धुलाई जरूरी



रायपुर : अक्टूबर माह की शुरुआत से ही त्यौहारों की तैयारी शुरू हो जाती है. लेकिन इस बार कोरोना की मौजूदगी के कारण त्यौहार मनाने के अंदाज में भी परिवर्तन देखने को मिलेंगे. आने वाले त्यौहारों को देखते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने त्यौहारों के दौरान कोविड-19 संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों को लेकर मानक संचालन प्रक्रियाएं (एसओपी) जारी की हैं। इसके अनुसार कंटेनमेंट जोन में त्यौहारों को लेकर किसी भी तरह के कार्यक्रम आयोजित करने की इजाजत नहीं होगी।  कंटेनमेंट जोन में रहने वाले लोगों को बाहर निकलने के स्थान पर घर के अंदर रहकर ही त्यौहार मनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। त्यौहार के दौरान संक्रमण फैलने की आशंका ज्यादा हैऐसे में सुरक्षा के नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है।  दिशा-निर्देशों में कार्यक्रमों के लिए विस्तृत स्थानसामाजिक दूरी सुनिश्चित करना और मूर्तियों व पवित्र ग्रंथों को स्पर्श नहीं करने जैसे उपाय शामिल हैं। एसओपी में कहा गया है कि जहां तक संभव हो रिकॉर्ड किए गए भक्ति संगीत या गाने बजाए जाएं और गायन समूहों को अनुमति न दी जाए। इस त्यौहारी सीज़न में कोरोना संक्रमण लोगों की खुशियों में ख़लल न डाले इसके लिए सजगता और जागरूकता लगातार बनाए रखने की ज़रूरत है।

 कार्यक्रम स्थलों में सभी स्थानों पर उचित चिह्न किया गया अनिवार्य:

अक्टूबर से दिसंबर के बीच धार्मिक पूजामेलोंसांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं  जुलूसों आदि बड़े समारोह आयोजित होते हैं। ऐसे में यह जरूरी है कि इस तरह के आयोजनों के लिए आवश्यक निवारक उपायों का पालन किया जाए। ऐसे कार्यक्रम एक दिन या एक सप्ताह या उससे भी अधिक समय तक चलते हैं। एसओपी के अनुसार शारीरिक दूरी के मानदंडों को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम स्थलों में सभी स्थानों पर उचित चिह्न होना चाहिए। साथ ही केवल उन कर्मचारियों और आगंतुकों को ही आने की अनुमति देने की बात कही गयी है जिनमें संक्रमण के लक्षण नहीं हैं। प्रवेश की अनुमति तभी दी जाएगी जब वह मास्क का उपयोग कर रहे हों। 

 शारीरिक दूरी व मास्क पहनना सुनिश्चित करें:

जारी एसओपी के अनुसार कार्यक्रम की योजना इस प्रकार से बनाई जानी चाहिए कि भीड़ को नियंत्रित रखा जा सके और शारीरिक दूरी का पालन हो सके। साथ ही रैलियों और विसर्जन जुलूसों में लोगों की संख्या निर्धारित सीमा से अधिक न हो और शारीरिक दूरी व मास्क पहनने को अनिवार्य किया गया है.   

थर्मल स्क्रिनिंग पर भी दिया जायेगा जोर:

एसओपी के अनुसार त्यौहार आयोजन के स्थानों पर लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग करने पर जोर दिया गया है। यह बताया गया है कि सक्षम अधिकारी स्थानीय आकलन के अनुसार अपने क्षेत्र में अतिरिक्त उपायों को लागू कर सकते हैं जो गृह मंत्रालय द्वारा दी गई अनुमति के अनुरूप हो। साथ ही निगरानी के लिए क्लोज-सर्किट कैमरे आदि का इस्तेमाल करने पर विचार करने की जरूरत कही गयी है.

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