संवाददाता : सैय्यद सफ़दर हुसैन
गरियाबंद : जिले का सबसे बड़े ग्राम पंचायत कोपरा इन दिनों सुर्खियों में है। ज्ञात हो कि पूर्व में कोपरा ग्रामवासियों के द्वारा गांव में राष्ट्रीय राजमार्ग में सुनियोजित तरीके से कोपरा सरपंच और सचिव के विरुद्ध मार्ग जाम किया गया था। आज उसी सिलसिले में कोपरा कृषि समिति के द्वारा गांव में मुनादी करा आम बैठक आयोजित किया गया। बैठक में ग्रामवासियों सहित पंचायत प्रतिनिधि आमंत्रित थे। गांव में कृषि समिति की बैठक प्रारंभ हुई और उस बैठक में पंचायत प्रतिनिधि सहित ग्रामवासी अधिक संख्या में बैठक स्थल में उपस्थित हुए।
भीड़ अधिक होने के कारण बैठक का स्थान परिवर्तन किया गया। तो उसी समय मौका पाकर कृषि समिति के अध्यक्ष और सचिव बैठक छोड़कर भाग निकले। जिससे ग्रामीणों में काफी आक्रोश देखा गया। कृषि समिति का बैठक नहर पानी के संबंध में आहूत किया गया था। बैठक रजिस्टर में कोरे जगह में हस्ताक्षर कराया जा रहा था, जिसमें ग्रामवासियों द्वारा विरोध व्यक्त किया गया। जबकि कोपरा सरपंच कृषि समिति की बैठक में उपस्थित थी।
सरपंच पर कुछ ग्रामवासियों द्वारा ही भ्रष्टाचार का आरोप लगाया जा रहा था, जो कि निराधार प्रतीत हुआ। साथ ही आरोप लगाने वाले लोगों का कांग्रेस पार्टी को बदनाम करने की साजिश रची गयी। कांग्रेस की लोकप्रियता को पचा पाना मुश्किल हो रहा था। कृषि समिति की बैठक में समिति के अध्यक्ष व सचिव का बिना कुछ बताए बैठक से भाग जाना, उपस्थित ग्रामवासियों में काफी नाराजगी का विषय बना, साथ ही समिति को भंग करने की मांग उठने लगी। वहाँ उपस्थित सभापति व ग्रामवासियों ने निर्णय लेते हुए समिति के अध्यक्ष एवं सचिव को पद से हटा दिया।
बैठक में मुख्य रूप से ग्राम पटेला श्याम लाल निषाद, जनपद उपाध्यक्ष योगेश साहू, सरपंच डॉ.डॉली साहू, योगेश्वरी साहू, भाना बाई यादव, मुकेश ठाकुर, शंकर लाल पुरैना, दिनेश साहू, गोपी साहू, पवन पटेल, भुवन पटेल, झाड़ू तारक, दौलत साहू, दानेंद्र साहू, किशुन यादव के साथ सैकड़ों की भीड़ उपस्थित थी।
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