ब्युरो रिपोर्ट : शिक्षा एक ऐसी चीज है जिसके दम पर आप पूरी दुनिया जीत सकते है ऐसा ही कुछ पाकिस्तान में हुआ जहां पर अल्पसंख्यक हिन्दू है जिनकी काबिलियत को देखते हुए मेजर डॉ.कैलाश कुमार और मेजर डॉ.अनिल कुमार को लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर पदोन्नत किया गया है।
पाकिस्तान को उनका लोहा मानना पड़ा। पाकिस्तानी सेना में पहली बार दो हिंदू अधिकारियों को लेफ्टिनेंट कर्नल रैंक की पदोन्नति दी गयी है। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि पाकिस्तान आर्मी प्रमोशन बोर्ड द्वारा पदोन्नति को मंजूरी दिए जाने के बाद मेजर डॉ.कैलाश कुमार और मेजर डॉ.अनिल कुमार को लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर पदोन्नत किया गया है। कैलाश कुमार सिंध प्रांत के थारपारकर जिले से हैं। वे 2019 में पाकिस्तान में मेजर बनने वाले पहले हिंदू अधिकारी थे। कैलाश कुमार का जन्म 1981 में हुआ था। वे 2008 में कैप्टन के तौर पर सेना में भर्ती हुए थे।
कैलाश कुमार ने लियाकत यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस किया है। अनिल कुमार कैलाश से एक साल छोटे हैं। वो सिंध प्रांत के बादिन के रहने वाले हैं। उन्होंने 2007 में सेना जॉइन की थी। पाकिस्तान की सरकारी चैनल से ट्वीट कर कैलाश कुमार के प्रमोशन की खबर शेयर की गई। पीटीवी ने ट्वीट किया कि कुमार पाकिस्तानी सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल बनने वाले पहले हिंदू अफसर हैं। पाकिस्तान में हिंदू समुदाय के अधिकारों के लिए सक्रिय प्रचारक कपिल देव ने इस खबर को उठाया। कपिल देव ने ट्वीट किया- कैलाश कुमार ने पाक सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल के रूप में पदोन्नत होने वाले पहलेहिंदू अधिकारी बनकर इतिहास रचा। बधाई हो, कैलाश! शुक्रवार को उन्होंने फिर से ट्विटर पर अनिल कुमार के प्रमोशन की खबर साझा की। पाक सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल के रूप में पदोन्नत होने पर अनिल कुमार को बधाई। उन्हें और कैलाश कुमार दोनों को प्रमोशन मिला।
ऐसी दुर्लभ और अच्छी खबर साझा करने का आज शानदार दिन है।बेशक इस खबर को पाक सरकार के आधाकारिक टेलीविजन चैनल ने ट्वीट किया है लेकिन अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है। पाकिस्तानी सेना में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों को 2000 तक शामिल होने की अनुमति नहीं थी।
आधिकारिक अनुमान के मुताबिक देश में करीब 75 लाख हिंदू रहते हैं। वे मुस्लिमों के साथ संस्कृति, परंपरा और भाषा साझा करते हैं। पिछले कुछ सालों में पाक में हिन्दुओं पर अत्याचार बढ़े हैं और मानवाधिकार उल्लंघन की कई बातें इंटरनेशनल मीडिया में भी सामने आई हैं।
इसी आक्रोश के मद्देनजर पाकिस्तान ने संभवताः यह कदम उठाया है। हालांकि सेना में हिन्दुओं को प्रमोशन देने से पहले कई प्रक्रियाओं के तहत स्कैनिंग किया गया होगा।
0 टिप्पणियाँ