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जिले में कालाबाजारी/मुनाफाखोरी रोकने उर्वरक दुकानों पर औचक निरीक्षण...



गरियाबंद : कलेक्टर नम्रता गांधी के द्वारा जिले में उर्वरक के अवैध परिवहन, कालाबाजारी/ मुनाफाखोरी रोकने तथा शासन द्वारा निर्धारित दर ही कृषकों को उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये है। उक्त के परिपालन में प्राप्त सूचना के आधार पर संदीप भोई उप संचालक कृषि गरियाबंद के निर्देशानुसार जिलास्तरीय उड़नदस्ता दल द्वारा श्री संतोषी कृषि सेवा केन्द्र कोचवाय (दर्राीपारा) का निरीक्षण किया गया। उक्त संस्था का आकस्मिक निरीक्षण के दौरान मूल्य सूची प्रदर्शित नही करने, स्कंध पंजी/वितरण पंजी, कैश/क्रेडिट मेंमो, पॉस मशीन के बिना उर्वरक विक्रय करना, अन्य दस्तावेजों का संधारण नहीं करना तथा यथासमय प्रतिवेदन प्रस्तुत नही करने के कारण उक्त संस्था को सील करते हुए 21 दिवस हेतु उर्वरक प्राधिकार पत्र निलंबन करने की कार्यवाही कर जवाब तलब किया गया। जिलास्तरीय दल में नरसिंह ध्रुव अनुविभागीय कृषि अधिकारी (नोडल अधिकारी), ललित यादव ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, हितेश ठाकुर ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एवं सुनील सिंगौर ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी शामिल थे। कृषि उप संचालक संदीप भोई ने बताया कि पूर्व में भी विभिन्न उर्वरक विक्रेताओं द्वारा निर्धारित दर से अधिक दर पर उर्वरक विक्रय, कालाबाजारी एवं मुनाफाखोरी के विरूद्ध कलेक्टर द्वारा जिले में उर्वरक के अवैध परिवहन, कालाबाजारी एवं मुनाफाखोरी रोकने हेतु आवश्यक दिशानिर्देश दिये गये थे। जिसके परिपालन में जिलास्तरीय उड़नदस्ता दल द्वारा उर्वरक प्रतिष्ठानों पर उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश 1985 के प्रावधान अनुसार आवश्यक कार्यवाही किया गया है। अब तक कुल 02 संस्था को 03 दिवस, 05 संस्था को 07 दिवस, 04 संस्था को 14 दिवस एवं 12 संस्था को 21 दिवस इस प्रकार कुल 23 संस्थाओं के प्राधिकार पत्र निलंबन करने की कार्यवाही किया गया। जिलास्तरीय गठित दल द्वारा निरीक्षण के दौरान किसान भाईयों से अपील किया गया कि निर्धारित दर पर ही उर्वरकों का क्रय करें तथा उर्वरक विक्रेताओं द्वारा निर्धारित दर से अधिक कीमत पर उर्वरक विक्रय करने पर क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के माध्यम से सूचित करने का आग्रह किया गया है।

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