रायपुर : छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की ग्रीष्मकालीन बैंच में आज माननीय न्यायधीश ऐन.के.चंद्रवंशी के समक्ष याचिकाकर्ता एस. नरसिंह राव, निवासी शंकर नगर रायपुर द्वारा रिट याचिका सुनवाई हेतु प्रस्तुत की गयी।
नगर निगम रायपुर द्वारा 20 मई 2022 को अचानक एक नोटिस के माध्यम से सात दिवस के भीतर खमहारडीह वार्ड नंबर 31 के पट्टेधारक निवासियों को घर व जमीन खाली करने और नए पुनर्वास घरों के लिए प्रार्थना करने का नोटिस दिया गया, ये भी सूचित किया गया के सात दिनों के पश्चात घर तोड़ने की कार्यवाही की जाएगीजाएगी। गौरतलब है के यह नोटिस 30/5/22 को निवासियों को प्राप्त हुआ। इस पूरी प्रक्रिया को न्यायविरुध व मौलिक अधिकार का हनन मानते हुए याचिकाकर्ता द्वारा अधिवक्ता राकेश तिवारी के पुत्र अधिवक्ता रवि तिवारी के माध्यम से माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष याचिका प्रस्तुत की गई।
मामले की पैरवी करते हुए अधिवक्ता द्वय अभिषेक देशमुख व हर्षमंदर रस्तोगी द्वारा ये विनती की गई कि जब तक नगर निगम रायपुर द्वारा प्रस्तावित आवास का आवंटन व निवासियों का पुनर्वास नहीं किया जाता तब तक घर तोड़ने की कार्रवाई नहीं की जाए।
माननीय न्यायाधीश द्वारा अगली तारीख 17 जून देते हुए ये आदेश किया के नगर निगम रायपुर द्वारा आवंटन व पुनर्वास की व्यवस्था करी जाए और तब तक याचिकाकर्ता के घर तोड़ने की करवाही न हो।

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