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परिवहन नहीं होने से धान खरीदने में दिक्कत...

"क्षेत्र में धान उपार्जन का काम अभी आधा हुआ है, लेकिन उपार्जन केंद्रों में खरीदे गए धान का परिवहन नहीं होने से कई उपार्जन केंद्रों में पांव रखने के लिए भी जगह नहीं बची है..."
राजिम, गरियाबंद : क्षेत्र में धान उपार्जन का काम अभी आधा हुआ है, लेकिन उपार्जन केंद्रों में खरीदे गए धान का परिवहन नहीं होने से कई उपार्जन केंद्रों में पांव रखने के लिए भी जगह नहीं बची है। धान का परिवहन नहीं होने से जहां समिति प्रबंधक परेशान हैं, वहीं धान के रखरखाव और सुरक्षा को लेकर भी उन्हें चिंता सता रही है। प्रशासनिक तौर पर धान के परिवहन को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जाने से व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।

वहीं आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित पोखरा में धान नहीं उठने के कारण किसानों के धान खरीदने में दिक्कत हो रही है। धान खरीदी केंद्र पोखरा में धान की स्थिति का जायजा लेने जब वहां पहुंचे तो धान खरीदी केंद्र में 12 हजार क्विंटल धान जमा था, जबकि 8 हजार क्विंटल की बफर लिमिट होने के बावजूद काफी अधिक मात्रा में धान जाम पाया गया। लेकिन विभाग द्वारा खरीदी केंद्र को बफर जोन से हटाने के लिए डीओ टीओ भी काट दिए गए हैं, लेकिन खरीदी केंद्र से अब तक धान परिवहन नहीं हो पाया है और अधिक धान के जाम हो जाने से खरीदी प्रभावित हो रही है।


डीओ-टीओ जारी होने के बाद भी नहीं हो रहा परिवहन...

आपको बता दें कि धान उपार्जन केंद्र पोखरा में धान परिवहन के लिए 3890 बोरा का डीओ भी जारी हो गया है, जिसमें 3600 बोरा धान का डीओ गिरधर गोपाल राइस प्रोडक्ट मील के लिए 2 दिसंबर से जारी किया गया है, जो अब तक परिवहन नहीं हो सका है। वहीं साई हनुमंत इंडस्ट्रीज मील को 50 बोरा धान परिवहन करने के लिए 13 नवंबर से डीओ जारी किया गया है और सतनाम इंडस्ट्रीज मील को 240 बोरा धान का डीओ 4 दिसम्बर से जारी है, जिसके बाद भी अब तक खरीदी केंद्र पोखरा से धान परिवहन नहीं हो पाया। जिससे काफी मात्रा में धान जाम हो गया है। केंद्र में अधिक धान के जाम हो जाने से खरीदी प्रभावित हो रही है। खरीदी केंद्र प्रबंधक सुदेश देवांगन से जब बात की गई तब उनका कहना था कि इस बात की जानकारी जिला विपणन अधिकारी को पत्र के माध्यम से 7 दिसम्बर को दे दी गई थी, जिसमें कुल तीन मिलरों द्वारा अलग-अलग DO में जो की 13 नवंबर से जारी है, 3890 क्विंटल धान का उठाव बाधित होने से अवगत कराया गया था। परिवहन नहीं होने से उन्हें समस्या आ रही है। एक माह में ही जगह की कमी पड़ रही है और यदि निकट भविष्य में परिवहन को तेज नहीं किया गया तो और भी कई तरह की समस्याएं सामने आ सकती है।



DMO की मेहरबानी मीलारों पर...

जिला विपणन अधिकारी अमित चंद्राकर से जब बात करने की कोशिश की गई तब अधिकारी साहब ने फोन उठाकर समस्या को सुनना भी उचित नहीं समझा, शायद इसलिए क्योंकि कुछ दिनों पहले छुरा ब्लॉक के कनसिंघि धान खरीदी केन्द्र में जाम धान जो कि बफर सीमा से कहीं ज्यादा था, पर आश्वासन देते हुए व्यवस्था में सुधार की बात कही थी। महीनों बीत जाने के बावजूद न ही व्यवस्था में कोई सुधार आई है बल्कि समस्या ने अपना पैर फैलाया है। देखना यह है की कब व्यवस्था में सुधार आ पाएगा।

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