गरियाबंद : छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में वन विभाग की सक्रियता देखने मिली है। वन परिक्षेत्र छुरा के ग्राम लोहझर और साजापाली में वन अमला ने छापामारी की कार्रवाई करते हुए क्रमशः तीन घरों में छापा मरने की कार्यवाही को अंजाम दिया है। तीनों तस्करों के घर से बड़ी मात्रा में बहुमूल्य इमारती लकड़ी जब्त की है। इन लकड़ियों का बाजार मूल्य 30 से 35 हजार रुपए बताया जा रहा है। वन विभाग की टीम ने वनमण्डलाधिकारी गरियाबंद मणिवासगन एस. के निर्देश पर, उप वनमण्डलाधिकारी राजिम यू.एस.ठाकुर के मार्गदर्शन में गुप्त सूत्रों से प्राप्त सूचना के आधार पर सर्च वारंट जारी कर वन परिक्षेत्रा अधिकारी छुरा सुयश धर दीवान एवं वन परिक्षेत्रा अधिकारी परसुली आर.के.साहू के नेतृत्व में आज दिनांक 05.05.2023 को छुरा वन परिक्षेत्रा के ग्राम पंचायत लोहझर अंतर्गत ग्राम नवाडीह में 01.भूखन राम व. राजाराम दीवान साजापाली(नवाडीह) थाना व तह.छुरा, जिला-गरियाबंद छ.ग., 02.डोमन व. राजाराम दीवान, साजापाली(नवाडीह) थाना व तह.छुरा, जिला-गरियाबंद छ.ग., 03.युवराज व. रैनसिंह दीवान साजापाली(नवाडीह) थाना व तह.छुरा, जिला-गरियाबंद छ.ग. के मकान में विधिवत तलाशी कार्यवाही की गई। प्रथम दृष्टया वन अपराध कारित पाये जाने पर भारतीय वन अधिनियम 1927 की विभिन्न धाराओं के तहत वन अपराध प्रकरण क्रमांक क्रमशः 1)17408/01 दिनांक05/05/2023
2)17408/03 दिनांक05/05/2023
3)17408/02 दिनांक05.05.2023 कायम किया गया।
सर्च कार्यवाही दौरान के दौरान सुयश धर दीवान वनक्षेत्रापाल, वन परिक्षेत्रा अधिकारी छुरा, आर.के.साहू वनक्षेत्रापाल वन परिक्षेत्रा अधिकारी परसुली, योगेश मानिकपुरी उप वनक्षेत्रापाल परिक्षेत्रा सहायक अमेठी, दुर्गा प्रसाद दीक्षित उप वनक्षेत्रापाल, परिक्षेत्रा सहायक परसुली, धनेश सिन्हा वनपाल, परिक्षेत्रा सहायक छुरा, मनीष वर्मा वनपाल, परिक्षेत्रा फिंगेश्वर, महेश कुमार दीक्षित वनपाल, कृष्ण कुमार साहू वनपाल, जितेन्द्र ध्रुव वनपाल, पूरुषोत्तम ध्रुर्वा वनरक्षक, देवराम साहू वनरक्षक, छमेश्वर साहू वनरक्षक, श्रीमती तुलसी ध्रुव वनरक्षक, कुमारी माधुरी यादव, श्रीमती पुष्पा गंधर्व, कृष्ण कुमार ध्रुव वनरक्षक, यादराम सिन्हा वनरक्षक, चित्रासेन दीवान वनरक्षक, लाभाराम सुरक्षा श्रमिक, भोला राम सुरक्षा श्रमिक, नरसिंह साहू सुरक्षा श्रमिक, गजपाल ठाकुर सुरक्षा श्रमिक, श्रीराम, राकेश अग्नि रक्षक उपस्थित रहे, जिनका कार्यवाही में महत्वपूर्ण योगदान रहा।
जप्त वनोपज का विवरण निम्नानुसार है -
क्रमांक प्रजाति मात्रा अनुमानित मूल्य
1. भूखन राम व. राजाराम दीवान बीजा चिरान 28 नग 0.434 घ.मी. 7236.24/-
2. डोमन व. राजाराम दीवान बीजा चिरान 02 नग 0.015 घ.मी. 198.07/7
3. युवराज व. रैनसिंह दीवान साजा-बीजा लट्ठा 38 नग 0.854 घ.मी. 24360.00/-
कटाई पर नहीं लग रहा अंकुश
जिले में इमारती लकड़ियों का जंगल है। शिकायतों के बाद वन विभाग चिरान और लट्ठा लकड़ी पर कार्यवाही की औपचारिकता तो कभी कभी ग्रामीणों के घरों और सड़कों करती दिख ही जाती है। लेकिन असल सवाल तो छुरा के जंगल हैं जो लुप्त होते जा रहे हैं। आने वाले पीढ़ी के लिए शायद हमारा आज घातक असर छोड़ रहा है, इस बात की गंभीरता वन विभाग को शिकायतों के बाद होता है। खुद विभागीय दायित्व पर कड़ी निगरानी और पूरी कार्यवाही से कुछ तो विशेष रोकता है, जिससे ये माफियाओं के हौसले और भी बुलंद होते जा रहे हैं। पिकअप पकड़कर अपने विभाग की उपलब्धि मान रहा हैं। वहीं पर अवैध कटाई पर रोक नहीं लगा पा रहा है। छुरा रेंज में इससे पहले भी कई कार्यवाहियां हुई हैं लेकिन परिणाम आप के सामने है। देखना यह होगा की कब जंगलों को जंगल में ही नष्ट होने से वन विभाग बचा पाता है।
जिले में इमारती लकड़ियों का जंगल है। शिकायतों के बाद वन विभाग चिरान और लट्ठा लकड़ी पर कार्यवाही की औपचारिकता तो कभी कभी ग्रामीणों के घरों और सड़कों करती दिख ही जाती है। लेकिन असल सवाल तो छुरा के जंगल हैं जो लुप्त होते जा रहे हैं। आने वाले पीढ़ी के लिए शायद हमारा आज घातक असर छोड़ रहा है, इस बात की गंभीरता वन विभाग को शिकायतों के बाद होता है। खुद विभागीय दायित्व पर कड़ी निगरानी और पूरी कार्यवाही से कुछ तो विशेष रोकता है, जिससे ये माफियाओं के हौसले और भी बुलंद होते जा रहे हैं। पिकअप पकड़कर अपने विभाग की उपलब्धि मान रहा हैं। वहीं पर अवैध कटाई पर रोक नहीं लगा पा रहा है। छुरा रेंज में इससे पहले भी कई कार्यवाहियां हुई हैं लेकिन परिणाम आप के सामने है। देखना यह होगा की कब जंगलों को जंगल में ही नष्ट होने से वन विभाग बचा पाता है।
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