ग्राम कोपरा के शिवचौक निवासी लोकेश यादव का परिवार इन दिनों विकट समस्या से गुजर रही हैं। इकलौता 22 वर्षीय बेटा राजेश यादव खाट में पड़े- पड़े जिंदगी के दिन गिन रहा हैं। परिवार की माली स्थिति भी ऐसी नहीं है कि जवान बेटा का इलाज किसी अच्छे अस्पताल में करवा सकें। लोकेश यादव ने बताया कि उसका बेटा राजेश मिस्त्री काम में हेल्परी करने के लिए जाता था। करीब तीन माह पहले 27 जुलाई को दो मंजिला में काम करते समय राजेश का पैर फिसल गया। इससे राजेश के कमर में गंभीर चोट आई है। राजधानी के एक निजी अस्पताल में इलाज करवाने पर पता चला कि राजेश की रीढ़ की हड्डी में फैक्चर हैं। किसी तरह परिवार के सदस्यों ने राजेश का प्रारंभिक इलाज करवाया। रीढ़ की हड्डी के आपरेशन में ही सारा जमा पूंजी खत्म हो गया। इसके बाद से राजेश घर में ही बिस्तर पर पड़ा हुआ है। पैसा खत्म होने के बाद लाचार माता-पिता अब हताश हो गए हैं।
लोकेश यादव ने बताया कि रोजी-मजदूरी से किसी तरह उनका गुजार चल रहा था। बेटे की तबीयत खराब होने के कारण उसके देखभाल के लिए घर में रहना पड़ता है। ऐसी स्थिति में अब लोकेश के घर में खाने के लाले पड़ने लगे हैं। उन्होंने बेटे की इलाज के लिए मदद की गुहार लगाई है।
सरपंच पति और पूर्व जनपद सदस्य आगे आए...
राजेश की हालत को देखते हुए सरपंच डॉ. डाली साहू के पति अजय साहू और पूर्व जनपद सदस्य नेमीचंद सिन्हा आगे आए। दोनों ने परिवार को आर्थिक रुप से मदद की। लोकेश यादव ने उनके बेटे ही हालत को देखते हुए अजय साहू ने पांच हजार रुपए और नेमीचंद सिन्हा ने एक हजार रुपए की मदद की है, इन्ही रुपयों से यादव परिवार की चूल्हा-चौका चल रहा है।
पिता ने की लोगो से मदद की अपील...
एक जवान बेटे की हालात को देखते हुए , पिता ने लोगो से मदद की अपील की है जिससे उचित इलाज हो सके, और घर का गुजारा हो सके,
बहरहाल समाज मे कुछ नेक दिल इंसान भी है, जो जरूरतमंद लोगो के मदद के लिए आगे आते है, और ऐसे लोगो का भरपूर सहयोग कर मानवता का परिचय देते हैं।
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