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मनोरोगियों को मिल रहा मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ...

प्रदेश में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान...कोविड मरीजों को भी निःशुल्क काउंसिलिंग...5 माह में राज्य के 30000 से ज्यादा मानसिक रोगियों को मिली मदद...विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 10 अक्टूबर विशेष...




 रायपुर : रायपुर. 9 अक्टूबर 2020। कोरोना काल में मानसिक स्वास्थ्य विकारों में वृद्धि देखी जा रही है, पर राहत की बात यह है कि जुझारू चिकित्सकों और मनोरोग विशेषज्ञों द्वारा काउंसिलिंग और उपचार से मानसिक रोगियों को बड़ी राहत मिल रही है। ग्राम स्तर तक मानसिक स्वास्थ्य सुविधाएं लोगों को पहुंचाने के लिए प्रदेश में मानसिक स्वास्थ्य देखभाल में जुटे विशेषज्ञ खुद तो प्रशिक्षण प्राप्त कर ही रहे हैं, साथ ही रोगियों की भी मदद कर रहे हैं।

रोगियों के मन से चिंता, अवसाद, तनाव को निकालने का प्रयास कर रोगियों के जीवन में आशा का संचार कर रहे हैं। आलम यह है अप्रैल से अगस्त 2020 तक राज्य भर में मानसिक स्वास्थ्य सेवा का लाभ 30,000 से अधिक मरीजों को मिला है। इसमें धमतरी, बिलासपुर, रायगढ़, राजनांदगांव, और कवर्धा जिलों में इनकी संख्या अधिक रही। हालांकि बस्तर, जशपुर, जांजगीर, बलोदाबाजार, महासमुंद और दुर्ग से भी मानसिक रोग से ग्रस्त लोगों की संख्या भी कम नहीं रही। उल्लेखनीय है कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए 10 अक्टूबर को  विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यू एचओ ) के विश्व मानसिक स्वास्थ्य संघ द्वारा हर साल नई थीम पर विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है।इसी कड़ी में इस वर्ष 2020 इस वर्ष की थीम है  “मानसिक स्वास्थ्य सभी के लिए, अधिक निवेश, ज्यादा पहुँच” अर्थात मानसिक स्वास्थ्य सेवाएँ सभी के लिए हर जगह उपलब्ध होनी चाहियेंI इसलिए इस वर्ष राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत राज्य मानसिक स्वास्थ्य विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा मानसिक स्वास्थ्य सभी के लिए पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

कोविड मरीजों को टेलीफोनिक काउंसिलिंग- राज्य नोडल अधिकारी मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम डॉ. महेन्द्र सिंह ने बताया मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के जरिए प्रदेश के मानसिक रोगियों को विशेष लाभ दिया जा रहा है। प्रदेश भर में मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को सुलझाने के लिए परामर्शदाता सेवाएं दे रहे हैं । कोविड-19 महामारी के दौरान भी परामर्शदाता कोविड मरीजों को निःशुल्क काउंसिलिंग प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने मानसिक रोगियों से अपील करते हुए कहा कि उपचार जारी रखें और काउंसिलिंग लेते रहें।

जिलेवार मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ - राज्य भर में अप्रैल से अगस्त के बीच  30,610  मानसिक विकारों से ग्रसित मरीजों को मानसिक उपचार का लाभ मिला है। इनमें धमतरी से 4,421, बिलासपुर से 2,918, रायगढ़ से 2,870,राजनांदगांव से 2,357 , कवर्धा से 2,046, बस्तर से1,841, दुर्ग से 1,718, जांजगीर से 1,636, जशपुर से 1,535, बलोदाबाजार से 1,422, महासमुंद से 1,214, मुंगेली से 990, दंतेवाड़ा से 967, सरगुजा से 765, कोरबा से 628, रायपुर से 607, गरियाबंद से 572, नारायणपुर से 471, सुरजपुर से 386, कोंडागांव से 377, कोरिया से 375, कांकेर से 142, बालोद से 133 और सुकमा से 20 लोगों ने लाभ लिया है।

मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम राज्य के 27 जिलों में - मानसिक समस्याओं के निराकरण के लिए जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम राज्य के 27 जिलों में संचालित किया जा रहा है, जिसमें 26 जिलों में टेली-क्लिनिक कि सुविधा भी कोरोनाकाल को देखते हुए उपलब्ध कराई गई। वहीं प्रदेश के डॉक्टरों को ग्रामीण स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य उपचार सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से बुनियादी मानसिक स्वास्थ्य सेवा पर प्रशिक्षण पहले से ही दिया जा रहा था। छत्तीसगढ़ कम्युनिटी मेंटल हेल्थकेयर टेली-मेंटरिंग प्रोग्राम (सीएचएमपी) के अंतर्गत सरकार ने प्राथमिक देखभाल करने वाले डॉक्टरों (सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सा अधिकारियों) और अतिरिक्त चिकित्सा अधिकारियों को प्रशिक्षित करने के लिए निम्हांस के साथ समझौता कर प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

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