मृतक के चचेरा भाई सह वार्ड सदस्य बुधन किस्कू एवं मुखिया अरविंद मुर्मू ने बताया कि पांच फरवरी को अचानक शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने हेतु महाराष्ट्र के किसी थाना से फोन आया कि सहदेव किस्कू ने एक फरवरी को फांसी लगा कर आत्म हत्या कर लिया है। बुधन किस्कू ने आगे बताया कि आननफानन में महाराष्ट के बोइसर गए तो पंखे से लटका हुआ फोटो दिखाया गया जिसमें हाथ बंधा हुआ और पेंट खुला हुआ तथा खाना की थाली पड़ा हुआ था। फोटो देख कर ऐसा नहीं लगा कि आत्महत्या किया है परंतु महाराष्ट्र पुलिस के दबाव में मै कुछ नहीं बोल पाया वहां के पुलिस के अनुसार एक सुसाइड नोट बुक भी मिला परन्तु हमें नहीं दिखाया गया और मृतक का मोबाइल फोन भी जप्त किया गया है परंतु हमें नहीं दिखाया गया।
चचेरा भाई बुधन किस्कू ने महाराष्ट्र पुलिस की जांच पर संदेह जताया और कहा कि मेरा भाई को मार कर फांसी से लटकाया गया है वहां की पुलिस कुछ छुपा रही है।
मुखिया अरविंद मुर्मू ने बताया कि शव को एंबुलेंस द्वारा सड़क मार्ग से लाने में मंत्री योगेंद्र प्रसाद, प्रखंड विकास पदाधिकारी संतोष कुमार महतो, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी विभाग रांची का बहुत बड़ा योगदान रहा है।


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